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स्वतंत्र प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड की मौजूदा प्रकाशन नीति :

दिल्ली स्थित स्वतंत्र प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दिनांक 24/08/2023 को निम्नलिखित प्रकाशन नीति की घोषणा की जाती है, जिसे अगली उद्घोषणा तक प्रभावी माना जाएगा।

1. प्रकाशन योजनाएँ

(i) 'निःशुल्क पुस्तक प्रकाशन योजना' :

स्वतंत्र प्रकाशन समूह नवोदित, युवाओं अथवा आर्थिक मोर्चे पर चुनौतियों का सामना कर रहे लेखकों की चयनित पाण्डुलिपियों को 'निःशुल्क पुस्तक प्रकाशन योजना' के तहत प्रकाशित करता है, जिसमें पुस्तक के प्रकाशन एवं वितरण का सारा खर्च प्रकाशक द्वारा वहन किया जाता है। इस योजना की घोषणा मई महीने में की जाती है एवं पाण्डुलिपियों को भेजने की अंतिम तिथि (उसी वर्ष में) 30 अक्तूबर होती है। प्राप्त पाण्डुलिपियों को चयन समिति की अनुशंसा पर चयनित किया जाता है एवं रचनाकार से प्रकाशन हेतु बगैर कोई शुल्क लिये पुस्तक को प्रकाशित किया जाता है।

'निःशुल्क पुस्तक प्रकाशन योजना' में रचनाकार को अनुबंध के आधार पर लेखकीय प्रति(याँ) प्राप्त करने का अधिकार होता है एवं लेखक अधिकतम बिक्रय मूल्य पर 40% की विशेष छूट (ऑथर डिस्काउंट) पर अतिरिक्त प्रतियाँ (जिसमें डाकखर्च शामिल नहीं है) प्राप्त कर सकते हैं।

प्रकाशन जगत में निम्नलिखित दो प्रकार की प्रकाशन विधियाँ प्रचलित हैं :

(ii) पारम्परिक प्रकाशन (ट्रेडिशनल पब्लिशिंग) :

इसमें लेखन के आधार पर पाण्डुलिपि चयन के उपरांत प्रकाशन किया जाता है। इस योजना में प्रकाशन और वितरण का सारा खर्च प्रकाशक द्वारा वहन किया जाता है। प्रकाशित पुस्तक की बिक्री पर रचनाकार को अनुबंध के अनुसार प्रकाशक द्वारा रॉयल्टी का भुगतान किया जाता है। इस योजना में पाण्डुलिपि भेजने से लेकर पुस्तक प्रकाशन तक में 30 दिनों से लेकर अधिकतम 300 दिनों का समय लग सकता है। इस अवधि के उपरान्त भी अगर प्रकाशन नहीं हो पाता है तो लेखक अपनी पाण्डुलिपि को कहीं अन्यत्र प्रकाशन हेतु भेजने के लिए स्वतंत्र होते हैं। स्वतंत्र प्रकाशन द्वारा वर्ष में एक बार घोषित की जाने वाली 'निःशुल्क पुस्तक प्रकाशन योजना' के तहत चयनित पाण्डुलिपियों को इसी योजना के अंतर्गत प्रकाशित किया जाता है।  

(iii) स्वयं प्रकाशन (सेल्फ पब्लिशिंग) :

इसमें लेखक स्वयं के खर्च पर अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाते हैं। प्रकाशक की भूमिका सिर्फ एक सेवादाता की होती है। इसे गाईडेड पब्लिकेशन या हाइब्रिड पब्लिकेशन भी कहते हैं। इस प्रकाशन विधि में पुस्तक का प्रकाशन एक निश्चित समय सीमा में लेखक-प्रकाशक अनुबंध के आधार पर संभव होता है। 

 

2. रचना / पाण्डुलिपि भेजने के नियम :

# पाण्डुलिपि / रचना यूनिकोड में टंकित होना चाहिए।

# पाण्डुलिपि भेजने से पूर्व अपने स्तर पर जरूरी प्रूफरीडिंग और एडिटिंग अवश्य कर लें।

# पाण्डुलिपि हमेशा प्रकाशन के ई-मेल पर ही भेजें। अगर ई-मेल पाण्डुलिपि भेजने में असुविधा हो तो व्हाट्सएप न. 9811188949 पर रचनाएँ MS Word फॉर्मेट में भेजें।

# प्रकाशन के व्हाट्सऐप समूहों में भेजी गई रचनाओं पर विचार नहीं किया जाएगा।

# पाण्डुलिपि को स्वतंत्र प्रकाशन समूह के वेबसाइट पर फ़ाइल अपलोडिंग सिस्टम में जाकर सीधे उपलोड कर सकते है।

# रचना भेजने के लिए आधिकारिक ईमेल आईडी एवं व्हाट्सएप नंबर निम्नलिखित हैं :

E-mail: swatantraprakashan@gmail.com

Whatsapp No. : 9811188949

# किसी भी विधा में आपकी स्वीकृत पुस्तक की उच्च गुणवत्ता के कवर डिज़ायनिंग, टाइपसेटिंग्स और प्रकाशन करवाने की जिम्मेदारी स्वतंत्र प्रकाशन समूह की होगी। 

# हिंदी या अंग्रेजी के अलावा किसी दुसरी भाषा की पुस्तक प्रकाशन हेतु भेजते समय उसका अनुवाद (तर्जुमा) एवं अनुवादक द्वारा जारी किया गया अनुवाद प्रमाण-पत्र अवश्य भेजें।


3. रॉयल्टी संबंधी नियम :

# लेखक द्वारा अधिकतम बिक्रय मूल्य पर तय विशेष छूट पर पुस्तक की खरीद पर कोई रॉयल्टी नहीं दी जाएगी।

# निःशुल्क पुस्तक प्रकाशन योजना के तहत प्रकाशित पुस्तकों के प्रथम संस्करण की 200 प्रतियों पर रॉयल्टी का भुगतान शून्य होगा। प्रथम 200 प्रतियों के बाद ही लेखक की रॉयल्टी का भुगतान मान्य होगा।

# जो प्रतियाँ प्रकाशक द्वारा बिक्रय की जायेंगीं, उनमें ऑनलाइन माध्यम से बिकने वाली किताबों पर अधिकतम बिक्रय मूल्य का 8% एवं ऑफलाइन माध्यम से बिकने वाली किताबों पर अधिकतम बिक्रय मूल्य का 10% रॉयल्टी का भुगतान किया जायेगा।

# रॉयल्टी की रकम और सेल्स रिपोर्ट सालाना 15 से 30 अप्रैल के बीच जारी की जायेगी। बीच में किसी भी तरह की सेल्स रिपोर्ट इत्यादि सूचनाएँ जारी नहीं की जायेगी।

# ‘स्वतंत्र प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड’ अपने किसी भी रचनाकार को, अतिविशेष परिस्थिति को छोड़कर, एडवांस रायॅल्टी नहीं देता है। 


4. वितरण एवं उपलब्धता :

# प्रकाशित पुस्तकों की अमेजन, फ्लिपकार्ट, स्वतंत्र बुक्स और किंडल पर ऑनलाइन बिक्री होगी।

# नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला सहित समय-समय पर देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित होने वाले पुस्तक मेलों एवं प्रदर्शनियों में प्रकाशित पुस्तकों को उपलब्ध रखा जाएगा। पुस्तक मेलों में प्रकाशन की भागीदारी संबंधी सूचनाएँ वेबसाइट और सोशल मीडिया पर जारी की जाएगी। 

 

5. कॉपीराइट

# कन्टेन्ट का कॉपीराइट सर्वथा व सदैव लेखक का ही माना जायेगा; लेकिन उसे प्रकाशित, प्रसारित व वितरित करने का अधिकार ‘स्वतंत्र प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड’ के पास सुरक्षित रहेगा। प्रकाशित पुस्तक के किसी भी अंश अथवा सामग्री को प्रकाशक एवं लेखक से बगै़र किसी लिखित अनुमति प्राप्त किये, फ़ोटोकॉपी करना, किसी पत्रिका या ब्लॉग, वेबसाइट या अन्य को पुनर्प्रकाशित करने के लिए भेजना या अन्य सूचना संबंधी माध्यमों से प्रकाशित करना ‘कॉपीराइट एक्ट’ का उल्लंघन माना जायेगा एवं न्यायोचित कार्यवाई की जाएगी। 

# प्रकाशक पुस्तक के प्रचार-प्रसार और बिक्रय हेतु ई-बुक, ऑडियो बुक, ऑडियो फाइल, विडियो, विज्ञापन, फीचर-फ़िल्म इत्यादि बनाकर प्रसारित एवं बिक्रय कर सकता है। पुस्तक से जुड़े सभी प्रकार के प्रिंट और डिजिटल सामग्री पर कॉपीराइट लेखक का माना जायेगा। पुस्तक का प्रकाशन एवं डिजिटल प्रसार का अधिकार प्रकाशक के पास सुरक्षित होगा। 

# लेखक को एक घोषणा-पत्र के माध्यम से इस बात की स्वीकृति प्रदान करनी होगी कि जो पाण्डुलिपि उन्होंने प्रकाशक को सौंपा है, वह उनकी मौलिक रचना है और उसके सभी संस्करण को प्रकाशित करने का अधिकार सिर्फ और सिर्फ ‘स्वतंत्र प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड’ के पास सुरक्षित रहेगा। पुस्तक का टाइटल, उसका कन्टेन्ट और उसके अंदर के रेखाचित्र इत्यादि को भी प्रकाशित करने का अधिकार ‘स्वतंत्र प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड’ का ही होगा। यदि प्रकाशन के समय या उपरान्त भविष्य में किसी व्यक्ति या संस्था का कॉपीराइट अधिकार या फिर भारतीय संघ के किसी भी कानून का उल्लंघन होता है, तो इसमें स्वतंत्र प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड या इसके किसी पदाधिकारी/कर्मचारी की कोई ज़िम्मेदारी नहीं होगी तथा इसका एकमात्र उत्तरदायित्व लेखक पर रहेगा। पुस्तक का मूल्य, कवर डिज़ाइन व उसकी साज-सज्जा प्रकाशक द्वारा प्रकाशन समूह के प्रकाशन एवं संपादकीय विशेषज्ञों द्वारा निर्धारित किये जाने की स्वीकृति लेखक को देनी होगी। 

# लेखक-प्रकाशक अनुबंध के नियम-शर्तों के अतिरिक्त ‘भारतीय कॉपीराइट एक्ट-1957’ के सभी नियम प्रभावी होंगे।

# प्रकाशित पुस्तक के किसी भी भाग को, किसी भी रूप में या किसी भी माध्यम से, जिसमें ग्राफिक, इलेक्ट्रॉनिक, मैकेनिकल साधन या सूचना पुनर्प्राप्ति प्रणाली जैसे फोटोकॉपी, रिकॉर्डिंग, टेपिंग, पुनर्प्रकाशन और प्रसार इत्यादि किया जा सके, शामिल है, पुन: प्रस्तुत या कॉपी नहीं कराया जा सकता है। इस पुस्तक के प्रकाशन एवं प्रसार का अधिकार पूर्णतः स्वतंत्र प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड के पास सुरक्षित है। टाइपसेटिंग की गई पाण्डुलिपि या प्रकाशित पुस्तक अनुबंध की अवधि तक प्रकाशक की संपत्ति मानी जाएगी। अगले संस्करणों में आवरण अथवा पुस्तक के डिज़ाइन और प्रस्तुतिकरण सम्बन्धी बदलाव रचनाकार की सहमति से प्रकाशक द्वारा किया जा सकता है। किसी डिस्क या मीडिया माध्यमों से इस पुस्तक अथवा संकलन की सामग्री का पुनर्प्रस्तुतिकरण के उद्देश्य से डिजिटल या अन्य रूपों में भण्डारण भी नहीं किया जा सकता है। किसी भी प्रकार से इस किताब की सामग्री के उपयोग के लिए रचनाकार एवं प्रकाशक से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा अन्यथा शर्तों का उलंघन करने पर कानूनी कार्यवाही की जा सकती है।


6.   पुस्तक का मूल्य एवं छूट का निर्धारण

# पुस्तक के अधिकतम बिक्रय मूल्य का निर्धारण एवं ऑनलाइन-ऑफलाइन वितरण में डिस्काउंट या विशेष छूट और शिपिंग चार्ज का निर्धारण बाज़ार की स्थितियों और पाठकों के हितों को ध्यान में रखकर प्रकाशन की संपादकीय और मार्केटिंग टीम द्वारा लिया जायेगा।  

# लेखक के लिए उनकी स्वयं की पुस्तक की खरीद पर प्रकाशन की ओर से लेखक के लिए उस पुस्तक के अधिकतम बिक्रय मूल्य का अधिकतम 40 प्रतिशत विशेष छूट आरक्षित रहेगा (इन पुस्तकों की रॉयल्टी नहीं दी जाएगी)। इसके अतिरिक्त पैकेजिंग, हैंडलिंग, डाक व कूरियर आदि का खर्च लेखक को स्वयं वहन करना होगा।

 

7.     विविध

# स्वतंत्र प्रकाशन समूह द्वारा बेहद रियायती मूल्य पर या निःशुल्क पुस्तकों का गुणवत्तापूर्ण प्रकाशन किया जाता है, इसीलिए डाक-व्यय को वहन कर पाने में प्रकाशक असमर्थ है। प्रकाशित पुस्तकों को रचनाकार के पते पर भेजने का खर्च प्रकाशन द्वारा वहन नहीं किया जाता है। प्रकाशन पैकेज अथवा निःशुल्क पुस्तक प्रकाशन योजना के तहत प्रकाशित पुस्तकों को मँगवाने हेतु रचनाकार को ही डाक-खर्च वहन करना होगा।

# ‘स्वतंत्र प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड’ किसी लेखक, कवि या रचनाकार की पुस्तक का विमोचन या पुस्तक परिचर्चा के आयोजन की ज़िम्मेदारी से पुर्णतः मुक्त अथवा स्वतंत्र है। पुस्तक का विमोचन, प्रमोशन, लोकार्पण या परिचर्चा लेखक स्वयं आयोजित करना चाहे तो वे इसके लिए स्वतंत्र हैं। प्रकाशन लेखक की सहमति से ऐसे कार्यक्रमों को बढ़ावा देने या अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और डिस्ट्रीब्यूशन चैनल्स में प्रचारित करने का काम कर सकता है। 

# पत्र-पत्रिकाओं या किसी संस्था में पुरस्कार या समीक्षा हेतु पुस्तक भेजने की जिम्मेदारी से भी प्रकाशक पुर्णतः मुक्त अथवा स्वतंत्र है। यदि लेखक स्वयं अपनी पुस्तक कहीं भेजना चाहें तो वे इसके लिए स्वतंत्र है।

# पारंपरिक प्रकाशन एवं निःशुल्क पुस्तक प्रकाशन योजना के अंतर्गत प्रेषित पाण्डुलिपि के स्वीकार होने के बाद पुस्तक प्रकाशन की अवधि, अतिविशेष परिस्थितियों को छोड़कर, दो महीने से दस महीने की के बीच मानी जाएगी। 

# पाण्डुलिपि स्वीकार होने के बाद प्रकाशक द्वारा लेखक के लिए एक प्रकाशन सहायक (पब्लिकेशन असिस्टेंट) नियुक्त किया जायेगा, जो लेखक के साथ प्रकाशन कार्य पूर्ण होने तक संपर्क में रहेगा और प्रकाशन में सहायता करेगा। 

# पुस्तक प्रकाशन से संबधित अंतिम निर्णय सदैव ‘स्वतंत्र प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड’ व उसकी संपादकीय टीम का ही माना जायेगा।

# प्रकाशित पुस्तक का पीडीएफ या एम.एस. वर्ड फाइल/डाक्यूमेंट्स (सॉफ्ट कॉपी) प्रकाशन की निजी सम्पत्ति मानी जायेगी। लेखक को यह सिर्फ प्रूफरीडिंग और किताब की टाइपसेटिंग और फोर्मेटिंग देखने के उद्देश्य से इस शर्त पर भेजी जाएगी कि वे इसे कहीं अन्यत्र प्रेषित या फॉरवर्ड नहीं करेंगें। 

# पुस्तक के प्रकाशन के पूर्व प्रूफरीडिंग और किसी अन्य त्रुटी को देखकर ‘स्वतंत्र प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड’ को प्रकाशन की स्वीकृति और अनुमति प्रदान करना लेखक की जिम्मेवारी होगी। इस संबंध में प्रकाशन के उपरान्त कोई त्रुटी पाये जाने पर प्रकाशक को जिम्मेवार नहीं ठहराया जा सकता है।  

# पुस्तक में दी गई जानकारी केवल साहित्यिक अभिव्यक्ति एवं समान उद्देश्यों के लिए होती है। स्वतंत्र प्रकाशन की पुस्तकों में व्यक्त विचार लेखक के अपने होते हैं, इसलिए कोई भी समानता पूरी तरह से संयोग मानी जाएगी।

# प्रकाशन में त्रुटियों या चूक से बचने के लिए हर संभव प्रयास किया जाता है, इसके बावजूद त्रुटियाँ हो सकतीं हैं। कोई भी गलती, त्रुटि या विसंगति प्रकाशक अथवा लेखक के ध्यान में लाई जाती है, तो उसे अगले संस्करण में सुधारा जा सकता है। यह अधिसूचित किया जाता है कि प्रकाशक और लेखक या विक्रेता को किसी भी प्रकार से, किसी भी कार्यवाई की क्षति या हानि के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जाएगा। बाईंडिंग संबँधी गलती, गलत छपाई या गायब पृष्ठों आदि के लिए प्रकाशक का दायित्व समान संस्करण की खरीद के एक महीने के भीतर प्रतिस्थापन तक सीमित है, जिसका डाक व्यय आदि सारा खर्च क्रेता द्वारा वहन किया जाएगा।

# स्वतंत्र प्रकाशन समूह द्वारा घोषित 'निःशुल्क पुस्तक प्रकाशन योजना' के तहत चयनित पुस्तकों के प्रकाशन की अवधि, प्रकाशन प्रक्रिया में लगने वाला समय, आवरण डिज़ाइन, साज-सज्जा, अधिकतम बिक्रय मूल्य का निर्धारण, कागज के प्रकार एवं पुस्तक प्रकाशन के संबंध में अन्य निर्णय लेने का अंतिम अधिकार प्रकाशन एवं उसके संपादक मंडल को होगा।


8. इम्प्रिंट

स्वतंत्र प्रकाशन समूह निम्नलिखित इम्प्रिंट्स के तहत ISBN के साथ प्रकाशन करता है :

स्वतंत्र प्रकाशन | Swatantra Prakashan

फ्रीडम पब्लिकेशन | Freedom Publication

स्वतंत्र बुक्स | Swatantra Books

 

9. आधिकारिक फेसबुक पेज एवं अन्य सोशल मीडिया एकाउंट्स :

प्रकाशन योजनाओं और ऑफर की ताज़ा जानकारी इस वेबसाइट के अलावा स्वतंत्र प्रकाशन के फेसबुक पेज पर उपलब्ध रहती है। प्रकाशन के आधिकारिक सोशल मीडिया एकाउंट्स पर पहुँचने के लिए यहाँ क्लिक करें । 


10. न्यायिक क्षेत्र

सभी विवाद केवल दिल्ली / नई दिल्ली क्षेत्राधिकार के अधीन होंगें।