Swatantra Prakashan Pvt. Ltd.
Bazm-E-Hayat by Ramesh Kumar 'Ripu'
Bazm-E-Hayat by Ramesh Kumar 'Ripu'
SKU:ISBN - 978-93-5986-124-1

रचना अपने समय का आईना होती है। बज़्म-ए-हयात में संकलित रमेश कुमार 'रिपु' की ग़ज़लें उस कालखंड का आईना हैं, जिसमें इन्हें रचा गया। उमड़ती मानवीय समवेदनाओं और सत्ता के सनक पर बारीक़ नज़र रखने वाले वरिष्ठ पत्रकार रमेश कुमार 'रिपु' की ग़ज़लें जनसरोकार की पैरवी करती हैं और निरंकुश व्यवस्था की आँखों में आँखें डालकर बातें करती हैं।
साढ़े तीन दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय रमेश कुमार ’रिपु’ का जन्म 30 अप्रैल 1962 को जिला प्रयागराज, उत्तर प्रदेश के दुबहा गांव में हुआ है। अपनी अनोखी शैली की पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं। दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दबंग दुनिया सहित कई अख़बारों में प्रमुख पदों पर रहे। इसके अलावा कई राष्ट्रीय पत्रिकाओं के मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ की जिम्मेवारी भी और ब्यूरो इनके पास रहा।
इनके रचना संसार में ‘इश्क़ की हरी पत्तियाँ’ (कहानी संग्रह), ‘रेड फ़ायर’ संपादन, (नक्लवाद केन्द्रित कहानियाँ), ‘रेड वॉर’ (नक्सलवाद का कटु सच), ‘डियर किलर’ (कहानी संग्रह), ‘धूप के फूल’ (ग़ज़ल संग्रह), ‘आधा आसमान’ (कहानी संग्रह), ‘नया दौर’ (कहानी संग्रह), ‘लव इन मुंबई’ (उपन्यास), ‘जय जोहर’ (संपादन), (छत्तीसगढ़ की कहानियां) के अलावा यह पुस्तक ‘बज़्म-ए-हयात’ (ग़ज़ल संग्रह) शामिल हैं। इस पुस्तक को नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला-2025 में लेखक मंच पर अनेक वरिष्ठ साहित्यकारों की मौजूदगी में लोकार्पित किया गया।
लेखन के लिए उन्हें महाराज मार्तण्ड सिंह जूदेव पत्रकारिता सम्मान, मिनी माता पत्रकार सम्मान, प्रतिलिपि सम्मान, श्रेष्ठ अलंकरण सम्मान, जयपुर, सुरेन्द्र मोहन पाठक सम्मान, रायपुर, छतीसगढ़ जैसे सम्मानों से नवाज़ा गया है।
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