Swatantra Prakashan Pvt. Ltd.
CHHUTKI BILLI by Girish Pankaj - PAPERBACK
CHHUTKI BILLI by Girish Pankaj - PAPERBACK
SKU:ISBN - 978-93-5986-847-9
गिरीश पंकज की यह पुस्तक हमारे समय के सबसे आवश्यक दस्तावेजों में से एक हैं, क्योंकि यह उन लोगों के बारे में हैं, जो समाज का आधार तो हैं, पर इतिहास और साहित्य में अक्सर अदृश्य रह जाते हैं। उनकी कहानियाँ हमारे आसपास हर दिन घटती हैं फिर भी हम उन्हें देख नहीं पाते, सुन नहीं पाते। यह पुस्तक उन्हीं साधारण-से पात्रों को केंद्र में लाती है और बताती है कि मनुष्य की असल पहचान उसकी प्रसिद्धि में नहीं, बल्कि उसकी संवेदना और उसके श्रम में छिपी होती है।
'लुधिया' की हँसी में श्रम की थकान धुल जाती है, 'रामभजो' की भक्ति में जीवन का उल्लास गूँजता है, 'सिद्धबाबा' पहाड़ की चढ़ाई में बचपन की रोमांचक उड़ानें छिपी हैं और 'मिट्ठू' जैसे छोटे जीव की चुप्पी भी एक गहरा शोक बनकर पाठक को छू जाती है। वहीं 'श्वेता' नाम की गाय के माध्यम से लेखक यह भी याद दिलाते हैं कि इंसान और पशु के बीच का प्रेम केवल आस्था नहीं बल्कि दैनिक जीवन में जीवित करुणा है।
इन रेखाचित्रों में केवल लोग नहीं, पूरा एक युग जीवित है, वह युग जिसमें मोहल्ले परिवार होते थे, संबंध बोझ नहीं होते थे, और हर चेहरा पहचाना-सा लगता था। यह संग्रह विस्थापन और आधुनिकता के दबाव में सिकुड़ती मनुष्यता का भी साक्ष्य है। समय ने जिन पात्रों को पीछे छोड़ दिया, लेखक उन्हें अपने साहित्य में स्थान देकर उन्हें हमेशा के लिए स्मरणीय बना देते हैं।
कथेतर गद्य की विशिष्ट विधा 'रेखाचित्र' की यह पुस्तक स्वतंत्र प्रकाशन समूह की लाइफ स्केच शृंखला का हिस्सा है। इस शृंखला की सभी 9 पुस्तकों के सेट को खरीदने के लिए नीचे दी गई तस्वीर पर क्लिक करें। 
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