Swatantra Prakashan Pvt. Ltd.
JADEN BARGAD KI by Ranvijay Rao - PAPERBACK
JADEN BARGAD KI by Ranvijay Rao - PAPERBACK
SKU:ISBN - 978-93-5986-271-2
मनुष्य अपने समय, परिवेश और स्मृतियों का ही विस्तार होता है। इन्हीं स्मृतियों की पगडंडियों पर चलता यह रेखाचित्र-संग्रह 'जड़ें बरगद की' पाठक को गाँव की मिट्टी, कस्बे की गंध, परिवार की सहज ऊष्मा और मनुष्य के भीतर छिपी अविरल संवेदना से साक्षात्कार कराता है। यह संग्रह केवल व्यक्तियों का चित्रण नहीं; यह उन मूल्यों, रिश्तों, विश्वासों और अनुभवों का शब्द-चित्र है, जो हमारे सामाजिक और पारिवारिक जीवन की धुरी बनते हैं।
बरगद की जड़ों में सैर करते हुए आपकी भेंट होती है कईली दादी से। गाँव की धूप-सी गर्म, अनुभवों-सी तप्त और वात्सल्य से भरी एक महिला, जिनके सुनहले बालों की आभा जैसे पूरे गाँव का इतिहास समेटे हो। आगे बढ़ते हैं तो अचानक एक मामूली-सा डेस्क बोर्ड जीवन के संघर्ष, तपस्या और सृजन का साथी बनकर खड़ा मिल जाता है। यह बताता है कि किसी वस्तु का मूल्य उसके आकार में नहीं, हमारी यात्राओं में छिपी होती है।
इस संग्रह की ख़ासियत इसकी सहज भाषा, मानवीय करुणा और स्मृतियों की वह पारदर्शिता है, जिसे पढ़ते हुए पाठक अपने गाँव, अपने लोग, अपने संघर्ष और अपने ही बीते दिनों को देख लेता है। हर रेखाचित्र एक चरित्र नहीं, एक भाव समेटे है; सौंधी महक, खट्टे-मीठे अनुभव, यादों के झुरमुट, जो मन को भीतर तक भिगो जाता है।
कथेतर गद्य की विशिष्ट विधा 'रेखाचित्र' की यह पुस्तक स्वतंत्र प्रकाशन समूह की लाइफ स्केच शृंखला का हिस्सा है। इस शृंखला की सभी 9 पुस्तकों के सेट को खरीदने के लिए नीचे दी गई तस्वीर पर क्लिक करें।
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