Swatantra Prakashan Pvt. Ltd.
Mahajani Zulm Virodhi Janandolan by Iftekhar Mahmood
Mahajani Zulm Virodhi Janandolan by Iftekhar Mahmood
SKU:ISBN - 978-93-5986-191-3 -1

झारखंड का इतिहास 1970 में तत्कालीन बिहार के हजारीबाग जिले में महाजनी जुल्म के विरुद्ध हुए जन-आंदोलन के जिक्र के बगैर पूर्ण हो ही नहीं सकता है। कॉमरेड मजरुल हसन खाँ के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन ने सदियों से शोषण का शिकार हो रहे हजारीबाग में रहने वाले ग्रामीणों और आदिवासियों को महाजनों के क्रूर चुंगल से मुक्ति दिलाई। क्रांतिकारी साथियों की शहादत और संगठित प्रतिरोध की प्रेरणादायी मिशाल के तौर पर बोंगई कांड को हमेशा याद किया जाएगा।
यह किताब 1970 में महाजनी जुल्म के विरुद्ध संघर्ष और बोंगई अग्निकांड पर केन्द्रित है। सीमित संसाधनों और दुर्लभ सूचनाओं को एकत्रित करके इस पुस्तक को एक तथ्यपरक दस्तावेज़ के रूप में सुधि पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
पुस्तक के लेखक इफ़्तेखार महमूद झारखण्ड राज्य निर्माण के आंदोलकारी और ट्रेड यूनियनिस्ट हैं। मजदूर अधिकारों के लिए जमीनी स्तर संघर्ष करने के लिए वे जाने जाते हैं। वे लम्बे समय से गैर-बराबरी और अन्याय के खिलाफ संघर्षशील रहे हैं। उन्होंने आज़ादी के बाद से सत्तर के दशक तक रामगढ़ जिले में महाजनी जुल्म के विररुद्ध चले जन आंदोलन के गौरवशाली इतिहास पर पड़े वक्त की धूल को साफ करने का बीड़ा उठाया और उसकी परिणति के रूप में यह पुस्तक हमारे हाथ में है। उनके संकल्प के कारण आज की पीढ़ी झारखण्ड की मिट्टी में शामिल शहीदों के लहू से परिचय हो रही है। इन्होंने बहुत कम समय में तथ्यों को जुटाकर इस विरल कार्य को पूर्ण किया है।
यह पुस्तक स्वतंत्र बुक्स ई-स्टोर पर विशेष छूट के साथ विक्रय के लिए उपलब्ध है।
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